लखनऊ। साहित्यिक पत्रकारिता के क्षेत्र में हर दौर में लखनऊ ने अपना योगदान किया है। आज भी यहां से कई पत्रिकाएं निकल रही हैं जिनमें तदभव, रेवान्त, निष्कर्ष, कथाक्रम, लमही, साहित्य मीमांसा आदि प्रमुख हैं। ‘रेवान्त’ इनमें अलग खासियत रखती है। संभवतः महिला रचनाकारों व संस्कृतिकर्मियों के सामूहिक प्रयास से …
Blog posts June 2013
‘रेवान्त’ का अप्रैल-जून अंक प्रकाशित
मीडिया के नैतिक पतन पर आँसू भी, जुड़े लोगों का सम्मान भी !
कमर वाहिद नकवी / एस. पी. सिंह की बरसी पर मीडियाख़बर.काम द्वारा आयोजित सेमिनार में जाना हुआ.मीडिया की मौजूदा दयनीय स्थिति और पत्रकारीय मूल्यों के 'घोर पतन' पर गरमागरम बहस हुई. सम्पादकों को इस पतन के लिए ख़ूब लतियाया गया. इसके बादकुछ लोगों को उनके संघर्ष/ योगदान के लिए 'सम्मानित' भी किया गया.
सेमिन…
पंकज सुबीर को अंतर्राष्ट्रीय इंदू शर्मा कथा सम्मान
लंदन / कथा (यू के) के अध्यक्ष एवं प्रतिष्ठित मीडिया हस्ती श्री कैलाश बुधवार ने लंदन से सूचित किया है कि वर्ष 2013 के लिए अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान कथाकार, उपन्यासकार और कैनेडा की त्रैमासिक पत्रिका हिन्दी चेतना के सह संपादक श्री पंकज सुबीर को उनके सामयिक प्रकाशन से 2012 में प्रकाशित कहानी …
टेलिविज़न की बायलाइन
अख़बारों की तरह टीवी ने भी बायलाइन की मर्यादाएं कभी तय नहीं कीं, न न्यूज़ ब्राडकास्टिंग एसोसिएशन ने खुद कीं, न प्रेस कौंसिल को ही कोई मतलब था
जगमोहन फुटेला/ अख़बार के लिए बायलाइन बनी कि बायलाइन के लिए अख़बार, पता नहीं. लेकिन उस का अर्थ तो अनर्थ होने की हद तक होता ही रहा है. इस लिए ये बहस भी अब व्…
उर्दू पत्रकारिता में आईआईएमसी से पाठ्यक्रम
लघु-अवधि का पाठ्यक्रम उर्दू भाषा के सभी श्रमजीवी/ स्वतंत्र पत्रकार के लिए होगा
नई दिल्ली/ भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली ने उर्दू अखबारों के श्रमजीवी पत्रकारों की दक्षता और उर्दू भाषा में मीडियाकर्मियों की क्षमताओं में वृद्धि के लिए उर्दू पत्रकारिता में लघु अवधि के पाठ्यक्रम की शुरू…
भारतीय मीडिया व साहित्य की सूचनाओं का भंडार है "पत्रकारिता कोश"
लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज है कोश का नाम
सूचना क्रांति के इस दौर में पत्रकारिता व साहित्य का दायरा काफी विस्तृत हो चुका है। हर दिन नए-नए समाचारपत्र व पत्रिकाओं का प्रकाशन प्रारंभ हो रहा है। चौबीसों घंटे पल-पल की खबरें देने के लिए नए-नए समाचार चैनल और वेबसाइट लांच हो रहे हैं। परिणामस्वरूप देश भर…
आह्वान को चाहिए संवाददाता
साप्ताहिक पत्रिका को चाहिए बिहार के सभी जिलों व अनुमंडलों में संवाददाता
पटना / यहां से प्रकाशित होने वाली साप्ताहिक पत्रिका आह्वान को बिहार के सभी जिलों व अनुमंडलों में संवाददाता चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षु पत्रकार भी आवेदन दे सकते हैं। उम्र सीमा 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
अच्छी भाषा और बाजार …
“विश्वस्तरीय आदिवासी युवा शक्ति फेसबुक महापंचायत” अक्टूबर में
इंदौर में होगा आयोजित, एकजुटता की मिसाल पेश करेगें विश्व भर के आदिवासी
फेसबुक बना आदिवासियों को एकजुट करने का एक अच्छा मंच
राजन कुमार/ मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में 16 मई को फेसबुक के माध्यम से एकजुट हुए आदिवासी युवाओं की पंचायत की सफलता से आदिवासी युवा काफी उत्साहित हैं और आदिवासियों के हित में …
हम तो खुले बाजार में मीडिया के गुलाम हैं !
संकट बस तब तक है, जबतक मीडिया संकट बनाये रखता है
पलाश विश्वास/ हम न ब्राजील है और न हम भारत हैं, हम तो खुले बाजार में मीडिया के गुलाम हैं! हमारे कप्तान कूल महेंद्र सिंह धोनी लंदन में चैंपियन कप जीतकर विश्वेविजेता और सर्वकालीन श्रेष्ठ भारतीय कप्तान बन गये। रातोंरात आईपीएल मिक्सिंग, फिक्सिंग और सेक…
बेशर्म मीडिया !
ताहिरा हसन/ एक टी वी चैनल ने ख़बर दी कि गुजरात के मुख्यमंत्री ने लक्जरी गाड़ियों और टोयोटा की बसों के द्वारा उत्तराखंड आपदा में फँसे 15000 गुजरातियों को बचा कर घर भेजा ....मेरी समझ में नही आता जहां आर्मी, आई टी बी पी और दूसरी पैरा मिलिट्री ताकतें 87 हेलिकॉप्टरों से जो काम हफ्तों में नही कर पा रही ह…
पटना हिंदुस्तान अखबार का स्टिंग तमाशा!
इर्शादुल हक़ / पटना / हिंदुस्तान के पटना एडिशन के कथित स्टिंग या पड़ताली खबर का आज तीसरा दिन है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि इस कथित पड़ताल में कोई ऐसी बात नहीं जो नयी हो. तुर्रा यह कि जिसे हिंदुस्तान के पटना सम्पादक स्टिंग कह रहे हैं, न तो (उसमें संलिप्त लोगों)उन डाक्टरों के नाम को उजागर किया गया है …
केबल आपरेटरों का 30 जून को हड़ताल का ऐलान
एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास /केबल टीवी सर्विसेज के डिजिटाइजेशन के बहाने उपभोक्ताओं को खुलेआम लुटा जा रहा है। पहले तो सेट टाप बाक्स लगाने की मुहिम चली और अब कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म [सीएएफ] जमा कराने की मुहिम है। पसंदीदा चैनल देखने के लिए पसंद के मुताबिक जेबें खाली करनी होंगी। समाचार चैनलों क देखन के …
मीडिया में गायब हैं इन इलाकों के मूल निवासी
त्रासदी में इनकी खबर लेने वाला कोई नहीं
मयंक सक्सेना। केदारनाथ जैसी यात्राओं पर आने जाने का एक आदमी का खर्च कितना है...अंदाज़ा लगाइए...कोई बात नहीं...लेकिन ये तो तय है कि रोटी के लिए संघर्ष कर रहा आदमी तो वहां नहीं ही जा पाता होगा...ज़्यादातर पेट भरे लोग ही जाते होंगे...
अब सवाल ये है कि सरकार और म…
निष्क्रिय ईमेल आईडी नये लोगो को जारी करेगा याहू
कंप्यूटर हैकर नहीं कर पायेँगे दुरूपयोग
सैन फ्रांसिस्को। बारह महीने से निष्क्रिय ईमेल आईडी को याहू नये लोगो को जारी करेगा। इस संबंध में आशंकाओं के मद्देनजर इंटरनेट कपंनी याहू ने अपने उपभोक्ताओ को आशान्वित किया है कि जिन निष्क्रिय ईमेल आईडी को वह नये उपभोक्ताओ के लिये जारी करने जा रही है, उनका दुरूपय…
लानत ऐसे सम्पादक पर.....
मयंक सक्सेना। जिस जगह 500 लाशें सिर्फ गौरीकुंड में मिली हों...वहां के लिए एक अखबार छाप रहा है कि करिश्मा देखिए...मंदिर बच गया...देखिए दैनिक जागरण शर्मनाक ढंग से क्या छापता है...
" इसे बाबा का प्रताप ही कहेंगे कि सब कुछ तबाह होने के बावजूद ज्योतिर्लिग और उसे आच्छादित किए सदियों पुराना गुंबद सुरक्षित…
तबाही पहाड़ों पर और न्यूज़ चैनलों को लगता है ख़तरा दिल्ली को
दीपक चौबे। तबाही पहाड़ों पर है और न्यूज़ चैनलों को लग रहा है कि सबसे ज्यादा ख़तरा दिल्ली को है जहां सड़कों पर सोने वाला एक आवारा कुत्ता भी नहीं बहेगा, इसकी गारंटी है। लेकिन बिना लागत की रिपोर्टिंग में जिसमें सिर्फ कैमरा लेकर रिंग रोड किनारे चले जाना हो और ग्राफिक्स पर दस ठो मोहल्ला गिनाना हो उसके जर…
मीडिया की विश्वसनीयता पर लगे हैं सवालिया निशान
मीडिया में बड़े बिजनेस घरानों की घुसपैठ, इन्होंने मीडिया की आजादी के विरूद्ध काम किया है
(राष्ट्रीय पत्रकार संघ के द्विवार्षिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर उप-राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के उद्बोधन का अंश ) ..... स्वतंत्र, निष्पक्ष, ईमानदार और उद्देश्यपरक प्रेस हर तरफ पारदर्शिता और जवाबदेही …
राजस्थानी भाषा को मान्यता से ही राजस्थान का विकास
राजस्थानी गुजराती लोक साहित्य पर राष्ट्रिय सेमिनार का समापन
उदयपुर। राजस्थानी भाषा की मान्यता की मांग प्रदेश, देश व विदेश में जोर शोर से उठ रही है। भोजपुरी के साथ राजस्थानी को भी मान्यता मिलना तय है। उक्त विचार राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष देव कोठारी ने राजस्थान भाषा साहित्य व संस्कृ…
दिग्गज पत्रकारों को खाली करने होंगे अवैध कब्जे
अतुल मोहन सिंह / लखनऊ। लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाने वाले मीडिया को अखिलेश यादव सरकार ने अंतत: नैतिकता का पाठ पढ़ाया। शासन के निर्देश पर राज्य सम्पत्ति विभाग ने अनाधिकृत तौर पर सरकारी आवासों में रह रहे 27 क्रीमीलेयर पत्रकारों को आवास खाली करने का नोटिस थमाया है। आवास खाली कराए वालों में तमाम ऐस…
सतर्क पत्रकारों की नई पीढ़ी जरूरी
"वोट की राजनीति मे मीडिया के प्रभाव" विषय पर संगोष्ठी
नई दिल्ली। वर्तमान परिवेश मे मीडिया का दायरा काफी बढ गया है साथ ही उसकी जिम्मेदारियो मे भी इजाफा हुआ है। इसलिए नयी पीढी को अत्यधिक संतुलित और सतर्क होकर अपने दायित्वो का निर्वहन करना है। “वोट की राजनीति मे मीडिया के प्रभाव” विषय पर एक संगोष्ठी क…
नवीनतम ---
- लालूजी को खलनायक बनाते तैयार हुई है सवर्ण पत्रकारों की एक पीढ़ी
- डब्ल्यूजेएआई सारण जिला इकाई का गठन
- भारत में वेब पत्रकारिता के सम्मान और स्वीकार्यता की सामूहिक यात्रा
- जब पत्रकार संकट में हो, तो मानिए कि पत्रकारिता सही दिशा में है
- 10 साल बाद टूटा कॉरपोरेट घमंड!
- डब्ल्यूजेएआई में नई कार्यकारिणी
- डब्ल्यूजेएआई के वेब मीडिया समागम का भव्य आग़ाज़
- भागलपुर में दिग्गज हस्तियों का महाजुटान
- आजाद भारती बने डब्ल्यूजेएआई भोजपुर इकाई के अध्यक्ष, ओपी पाण्डेय सचिव
- संगीता बरुआ पीसीआई की पहली महिला अध्यक्ष बनीं
- सार्क जर्नलिस्ट फोरम का अंतराष्ट्रीय सम्मेलन चार से
- भाषा जोड़ती है, तोड़ती नहीं
- ये आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है..
- सबसे 'तेज़' बनने के चक्कर में 'श्रद्धांजलि' का पात्र बना मीडिया
- क्लास से ग्राउंड तक..
- ‘संस्मय सम्मान’ से सम्मानित हुए रचनाकार
- डब्ल्यूजेएआई के स्थापना दिवस समारोह पर वेब मीडिया समागम होगाआयोजित
- जो बिका नही वो बचा नही: हत्याओं के बन रहे नए रिकॉर्ड
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foo barMarch 2, 2025
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रवि अहिरवारJanuary 6, 2025
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Anurag yadavJanuary 11, 2024
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सुरेश जगन्नाथ पाटीलSeptember 16, 2023
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Dr kishre kumar singhAugust 20, 2023
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Manjeet SinghJune 23, 2023
सम्पादक
डॉ. लीना

