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मीडियामोरचा

___________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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Blog posts July 2014

'किक ' और क्रिकेट ने पका डाला...!!

मीडिया के लिए और भी हैं मुद्दे

तारकेश कुमार ओझा/ 2011 में खेले गए विश्व कप क्रिकेट का एक रोमांचक औऱ महत्वपूर्ण मैच भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच खेला गया था। इ्स मैच को देखने के लिए देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी को आमंत्रित किया था। मैं अपने मोहल्ल…

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एक-दूजे के पूरक हैं साहित्य और मीडिया : प्रो. कुठियाला

छायाकार नवल जायसवाल की पुस्तक 'नवल-कमल' का विमोचन पत्रकारिता विश्वविद्यालय में

भोपाल/ आजादी के पूर्व ज्यादातर मीडिया रचनाकारों के हाथ में था और जो मीडिया आज की तरह व्यावसायिक था, वह रचनाकार विहीन था। साहित्य और मीडिया को अलग करके देखने की जरूरत नहीं है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। यह विचार माखनला…

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वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के फिर प्रदेश अध्यक्ष बने राधावल्लभ शारदा

भोपाल। वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन का शिव की नगरी शिवपुरी में यूनियन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों का सम्मान एवं पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रांतीय सम्मेलन में यूनियन के त्रिवार्षिक चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष पद पर पुन: राधावल्लभ शारदा निर्वाचित हुये। जिसकी घोषणा चुनाव अधिकारी बालराजे …

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ढींगरा फैमिली फाउण्डेशन-हिन्दी चेतना अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान समारोह आयोजित

टोरेण्टो (कैनेडा) / ढींगरा फैमिली  फाउण्डेशन -हिन्दी चेतना अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान समारोह स्कारबरो सिविक सेण्टर,  काउन्सिल  चैम्बर्स, ओण्टेरियो कैनेडा 26 जुलाई,  2014 को आयोजित हुआ। इस समारोह में, समग्र साहित्य अवदान हेतु वरिष्ठ साहित्यकार प्रो हरिशंकर आदेश, कथा सम्मान (उपन्यास-कामिने काय कान्तारे)…

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हिंदी मीडिया भारतीय भाषाओँ के आंदोलन के साथ क्यों नहीं है?

हिंदी मीडिया का ‘अंग्रेजी लाओ’ आंदोलन

आनंद प्रधान / अगर कोई आंदोलन यानी धरना-प्रदर्शन-भूख हड़ताल दिल्ली में हो, उसमें हजारों युवा शामिल हों, उसमें शामिल होने के लिए सांसद-विधायक-नेता-लेखक-बुद्धिजीवी पहुँच रहे हों और आंदोलन के मुद्दे से देश भर में लाखों युवा प्रभावित हों तो पूरी सम्भावना है कि वह आंद…

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कुछ मीडिया ने की फिर बेशर्मी, आईएम के नाम पर उड़ाई अफवाह

नौकरशाही डेस्क की रिपोर्ट / मुम्बई पुलिस कमिशनर को मिली धमकी की खबर पर रविवार को फिर कुछ मुख्यधारा के कुछ मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता को तार-तार करते हुए अफवाह फैलाने की कोशिश की है.

हालांकि इस मामले में आईबीएन खबर ने जिम्मेदारी की पत्रकारिता की नजीर पेश की है.

खबर यह है कि मुम्बई के पुलिस कमिशनर र…

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दो दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला सम्पन्न

जहां कम कानून, वह अच्छा राज्य:मनमोहन वैद्य

एमसीयू और अभा.अधिवक्ता परिषद की ओर से आयोजित  कार्यशाला

भोपालकानून से समाज का संचालन करते जाएंगे तो व्यवस्था ठीक नहीं रहेगी। समाज के अपने मूल्य होने चाहिए,जिनसे समाज संचालित हो। जहां कम से कम कानून होते हैं, वह राज्य अच्छा होता है। राज्य या सरकार द्वारा…

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माजीठिया आयोग तुरंत लागू हो

मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का जिला सम्मेलन

सिंगरौली। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया कहा कि मजीठिया आयोग द्वारा निर्धारित वेतन अखबार मालिकों द्वारा पत्रकारों को नहीं दिया जाना पत्रकारों का शोषण है जो बहुत ही निंदनीय है। माजीठिया आयोग तुरंत लागू किया जाना चाहिए …

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कोई हारता नहीं दुनिया में: रत्नेश्वर

एमसीयू के जनसंचार विभाग में ‘सफल कैसे बनें’ विषय पर व्याख्यान

भोपाल। आपकी सोच और घटनाओं को देखने का नजरिया आपको सफल बनाता है। आप कल्पना करिए कि आप जीत रहे हैं, सफल हो रहे हैं। तय मानिए आप जीत जाएंगे। दुनिया में कोई भी कभी हारता नहीं है। सिर्फ जीत का प्रतिशत कम या ज्यादा होता है। यह विचार प्रख्यात ल…

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ऐतिहासिक है नरेंद्र मोदी पर लिखी प्रकाश हिन्दुस्तानी की पुस्तक

समीक्षा/ बी.पी. गौतम /प्रकाश हिन्दुस्तानी, यह नाम स्वयं ही एक ब्रांड है। अपने लेखन के चलते पत्रकारिता जगत में बहुचर्चित प्रकाश हिन्दुस्तानी का नाम व चेहरा हर पाठक पहचानता है, उनके बारे में जितनी अधिक बात की जाये, उतनी कम ही रहेगी, इसलिए पिछले दिनों उनके द्वारा लिखी गई पुस्तक की ही बात करते हैं। “च…

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पत्रकारिता कोश-2014 का लोकार्पण 01 को

भारत की प्रथम  मीडिया डायरेक्टरी है पत्रकारिता कोश

मुंबई।  आफताब आलम द्वारा संपादित तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज भारत की प्रथम मीडिया डायरेक्टरी पत्रकारिता कोश के 14वें अंक का विमोचन तथा रीयल इस्टेट के लिए समर्पित वेबसाइट www.buyrightmumbai.com का उद्घाटन शुक्रवार, 01 अगस्त, 2014 को शाम 6.00 …

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बिहार विधान मंडल के पाँच धाम!

पत्रकारों के लिए यह आवश्‍यक हो गया है कि सभी धामों की परिक्रमा कर लें, ताकि कोई खबर छूट न जाए!

वीरेंद्र कुमार यादव/ बिहार विधान मंडल के  दोनों सदनों में खबरों के चार अलग-अलग केंद्र हैं। ये राजनीतिक सत्‍ता व चर्चा के भी  केंद्र हैं। इसे सुविधा के लिए पत्रकारों ने नाम रख दिया है चार धाम। दोनों सदनों …

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अब मीडिया के सारस्वत पुत्र-पुत्रियों की कैंची सी चलती जुबान बंद है

पलाश विश्वास/ पिछड़े लालू यादव मीडिया के लिए हास्य और व्यंग्य के पात्र रहे हैं वैसे ही जैसे भोजपुर या किसी भी लोक-भूगोल की माटी में रचे बसे लोग। चारा घोटाले में लालू की जेल यात्रा की खबरों को मीडिया ने ऐसे ही पेश किया कि जैसे भारत की सरजमीं से भ्रष्टाचार का नामोनिशान मिट गया हो और सारे भ्रष्ट लोग जे…

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षड्यंत्र के तहत सदा से कलाकार को राजाश्रित बनाया गया

क्योंकि सत्ता हमेशा कलाकार से डरती है

मंजुल भारद्वाज / सत्ता हमेशा कलाकार से डरती है चाहे वो सत्ता तानाशाह की हो या लोकतान्त्रिक व्यस्था वाली हो . तलवारों , तोपों या एटम बम का मुकाबला ये सत्ता कर सकती है पर कलाकार , रचनाकार , नाटककार , चित्रकार या सृजनात्मक कौशल से लबरेज़ व्यक्तित्व का नहीं, क्योंकि…

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मीडिया की राजनीति

चुनाव की महत्ता समझते हुए बाजार ने मीडिया के जरिये सत्ता में पैठ बना ली है

अंशु शरण / तह-दर-तह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मौजूद लोगों की नीयत सामने आ रही है, मीडिया ने इस आम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुये अपनी ताकत को आँका है और हाल के आचरण से लगता है कि अभी से ही विधान सभा चुनावों की तैयारिय…

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ये बूंदें कुछ कहती हैं...

एमसीयू के जनसंचार विभाग में कवि सम्मेलन का आयोजन

भोपाल। “ठण्डी-ठण्डी बूंदें जब आंखों को छूती हैं तो ऐसा लगता है मानो कुछ कह रही हों।” “बारिश की इन बूंदों से सीखें क्षण भंगुर है जीवन, पल में दु:ख, पल में खुशियां।” माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों…

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शोध पत्रिका "समागम" का नया अंक प्रेमचंद पर

भोपाल। द्विभाषी मासिक शोध पत्रिका समागम का हर अंक विषय-विशेष पर केन्द्रित रहा है। माह जुलाई-2014 का अंक अमर कथाकार मुंशी प्रेमचंद पर केन्द्रित है।

प्रेमचंद की उपस्थिति हिन्दी साहित्य में कालजयी है तो पत्रकारिता एवं सिनेमा के भी वे सशक्त हस्ताक्षर रहे हैं। उनके समूचे रचनाकर्म पर विवेचनात्मक आलेख एवं…

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पत्रकारिता में पुरानी है आत्मप्रवंचना की बीमारी ...!!

तारकेश कुमार ओझा / भारतीय राजनीति के अमर सिंह और हाफिज सईद से मुलाकात करके चर्चा में आए वेद प्रताप वैदिक में भला क्या समानता हो सकती है ! लेकिन मुलाकात पर मचे बवंडर पर वैदिक जिस तरह सफाई दे रहे हैं, उससे मुझे अनायास ही अमर सिंह की याद हो आई। तब भारतीय राजनीति में अमर सिंह का जलवा था। संजय दत्त , जया…

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सज़ा के पात्र हैं वेद प्रताप वैदिक

बी.पी. गौतम / भारत के सब से बड़े दुश्मनों में से एक हाफ़िज़ सईद से मिलने वाले पत्रकार वेद प्रताप वैदिक कई तरह की दलीलें दे रहे हैं, जो सब निरर्थक ही महसूस हो रही हैं। उनका कहना है कि वह साक्षात्कार लेने के उद्देश्य से हाफ़िज़ सईद से मिले, जबकि सोशल मीडिया पर जारी होने वाली विवादित तस्वीर से पहले उन्होंने…

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निजी एफएम रेडियो आकाशवाणी के समाचार ही प्रसारित कर पाएंगे

तीसरे चरण में 30 मार्च 2015 तक 839 निजी एफएम चैनल खोले जाने हैं

नयी दिल्ली। निजी एफएम चैनलों को आकाशवाणी द्वारा प्रसारित समाचार को ही पुन: प्रसारित करने की इजाजत दी जाएगी। सरकार ने निजी एफएम रेडियो चैनलों की समाचार प्रसारण की अनुमति की मांग पर आज स्पष्ट किया कि रेडियो के विस्तार के तीसरे चरण के तहत…

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सम्पादक

डॉ. लीना