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मीडियामोरचा

___________________________________पत्रकारिता के जनसरोकार

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Blog posts December 2015

नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार सुनील गौतम

पटना। वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक हिंदुस्तान पटना के संपादकीय विभाग को वर्षों अपनी सेवा दे चुके सुनील गौतम नहीं रहे । सड़क हादसे में आज शाम उनकी मौत हो गयी ।  

एक समारोह से लौटने के क्रम में दिनारा -पटना  मार्ग पर सड़क हादसे में उनकी मौत हो गयी। प्राप्त खबर के अनुसार  एक समारोह में शामिल हो कर बाइक से …

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जनसंचार विभाग के अध्यक्ष बने डॉ. चौबे

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के शिक्षकों ने किया स्वागत

वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृपाशंकर चौबे को अध्यक्ष बनने पर विभाग के सभी शिक्षकों ने शाल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। महात्मा गांधी …

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आहटों को सुनने वाले कवि थे पंकज सिंह

लखनऊ। कवि -पत्रकार पंकज सिंह से हमारा वैचारिक रिश्ता रहा है जो अटूट है। वे नक्सलबाड़ी आंदोलन से प्रेरित कवि है। यह उनकी कविता में प्राणवायु की तरह है। भारतीय सामाजिक संरचना में जो तानाशाही है उसे पंकज सुनते हैं, नागार्जुन की तरह। वे आहटों के कवि हैं, उन आहटों के जो भविष्य की हैं। उनकी कविता ‘सम्राज्…

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फारसी भाषा का 34 वां सम्मेलन संपन्न

नई पीढ़ी को फारसी से जोड़ने में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण  

साकिब ज़िया/ पटना। "अगर बेरुए ज़मीन बेहिश्त हस्त, हमीन अस्त, हमीन अस्त, हमीन अस्त" । यानी "अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं है, यहीं है" । मुगल काल के राजा जहांगीर ने कश्मीर की सुन्दरता के लिए यह पंक्तियाँ फारसी भाषा में …

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असली खबर, बिना किसी राय के पाठकों तक पहुंचाये अखबार: जेटली

‘प्रेस इन इंडिया’ का लोकार्पण करने के बाद श्री जेटली ने कहा कि विशुद्ध खबर देने के सिद्धांत से भटक गए हैं अखबार

नयी दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि आज मीडिया इतना बड़ा हो गया है कि एक ही खबर के कई पक्ष कई रूप सामने उभरकर आते हैं और फिर पाठक को तय करना पड़ता है कि इसमें सच…

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वार्षिक रिपोर्ट नहीं देने वाले अखबारों का पंजीकरण होगा रद्द

आरएनआई की 59वीं रिपोर्ट के मुताबिक देश में सर्वाधिक हिंदी के 42493 समाचार पत्र और पत्रिकायें पंजीकृत हैं

नयी दिल्ली। सरकार ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट आरएनआई को नहीं भेजने वाले समाचार पत्र-पत्रिकाओं को चेतावनी दी है कि अगर वे तीन साल तक अपनी सालाना रिपोर्ट नहीं देते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द किया जा स…

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क्या सवर्णवादी-जातिवादी मीडिया से भी कैफ़ियत तलब की जा सकती है?

हेमन्त कुमार। संतोष झा और मुकेश पाठक! नाम के साथ चस्पा सरनेम से किसी को जानने में परेशानी नहीं होगी कि दोनों की जाति ब्राह्मण है! दोनों के नाम दरभंगा में सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी चड्ढा एंड चड्ढा के दो इंजीनियरों की हत्या करने के कारण सुर्खियों में है. 

सवर्णवादी - जातिवादी मीडिया का ब…

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पत्रकार "सैयद अब्दुर्राफे "की याद में शोक सभा

साकिब ज़िया/पटना। कलम के सिपाही को श्रद्धांजलि देते हुए पत्रकार "सैयद अब्दुर्राफे "की याद में आज शोक सभा का आयोजन किया गया। शोकसभा का आयोजन पटना स्थित बिहार उर्दू भवन में किया गया। 21 दिसंबर को उर्दू के वरिष्ठ पत्रकार सैयद अब्दुर्राफे साहब का लंबी बीमारी के बाद पटना में निधन हो गया था।

शोकसभा में…

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क्या ऐसा ही होना चाहिए मीडिया का रवैया?

इर्शादुल हक। मैं बिहार के प्रति मीडिया की इसी बेशर्मी के इंतजार में था. इंतजार जरा लम्बा चला. दो महीने. आखिरकार मीडिया ने इसकी शुरूआत दरभंगा के दो इंजीनियरों की हत्या के साथ कर ही दी. कह रहे हैं 'रिटर्न्स ऑफ जंगल राज पार्ट-2'. इन दोनों इंजीनियरों को कथित रूप से संतोष झा गैंग के मुकेश पाठक ने रंगदारी…

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नहीं रहे जाने माने कवि और पत्रकार पंकज सिंह

नई दिल्ली। जाने माने कवि और पत्रकार पंकज सिंह नहीं रहे । नोएडा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान आज  उनका निधन हो गया। वे पूर्वी चंपारण के चैता के निवासी थे। राष्ट्रीय पत्रकारिता में उनकी खास पहचान थी। बीबीसी हिन्दी सेवा में उन्होंने काफी नाम कमाया था। 

उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मि…

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​अब कोई रिपोर्टर शहीदों के गाँव घर जाकर भावुकता का उन्माद नहीं फैलायेगा!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर यात्रा

रवीश कुमार/ कई बार किसी क़दम की पहली प्रतिक्रिया भी देखी जानी चाहिए । जैसे ही ख़बर आई कि प्रधानमंत्री मोदी लाहौर जा रहे हैं, सुनकर ही अच्छा लगा । दुश्मनी हो या दोस्ती भारत पाकिस्तान संबंधों में हम बहुत औपचारिक हो गए थे । पाकिस्तान को धमकाना चुनावी नौटंकी …

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“आछरी-माछरी” को 2015 का सृजनगाथाडॉटकॉम सम्मान

कथाकार हैं डॉ. हरिसुमन बिष्ट

रायपुर। उत्कृष्ट कथा लेखन के लिए 2015 का 'सृजनगाथा डॉट काम सम्मान' कथाकार डॉ. हरिसुमन बिष्ट को उनके उपन्यास 'आछरी माछरी' के लिए प्रदान किया जायेगा। श्री बिष्ट वर्तमान में हिंदी अकादमी दिल्ली के सचिव पद पर कार्यरत हैं । 

उन्हें सम्मान स्वरूप 21,000 की नगद राशि, प्रश…

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"मेरे मेहबूब" की साधना का निधन

बालों का "साधना"  कट मशहूर था 

मुंबई। अपनी जीवंत अदाकारी के लिए जानी जाने वाली बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री साधना का शुक्रवार को मुंबई के एक अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 74 साल की थीं । वह कुछ समय से बीमार थीं। पिछले साल ही उनकी सर्जरी हुई थी। वह मुंह के कैंसर से पीड़ित थीं।

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क्या क्रिसमस की छुट्टी पर है पत्रकारिता

डी डी सी ए मामले में रिपोर्टिंग नहीं हो रही है

रवीश कुमार/ खोजी पत्रकार क्रिसमस की लंबी छुट्टी पर चले गए हैं ! तभी तो डी डी सी ए मामले में उतना ही सामने आ रहा है जितना बयानों में आ रहा है । अब तक ऐसे बड़े मामलों में प्रेस कांफ्रेंस से आगे जाकर रिपोर्टिंग हो जाती थी लेकिन इस बार चुप्पी है । हेराल्…

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प्रेस क्लब के सामाजिक सरोकार

नौगाव (छतरपुर)। नगर नौगाव के वार्ड 2 तहसील कार्यालय के पास रहने वाली बिन माँ की लड़की कु. आयूषि सैनी का तीसरा जन्म दिवस गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब के प्रान्तीय कार्यालय में मनाया गया। इसमें नौगाव अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री सूरज देव मिश्रा ने बालिका को नगद राशि देकर उसको आशीर्वाद दिया, साथ ही जि…

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पारंपरिक कैलेंडर सशक्त संचार माध्यमः अरुण जेटली

‘विकास की नई उड़ान’ विषय  पर भारत सरकार का कैलेंडर 2016 जारी 

कर्नल राज्यवर्द्धन राठौड़ ने कैलेंडर 2016 का ई-संस्कारण जारी किया 

नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त, कारपोरेट मामले तथा सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि पारंपरिक कैलेंडर नई-नई टेक्नोलॉजी के बावजूद अपना स्थान बनाए हुए है। उन्ह…

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अखबार छापने वाले वर्षों से हैं लगातार धरने पर

अखबारी दुनिया भी नहीं लेती खबर

लीना / लगभग साढ़े चार साल से टाइम्स ऑफ इंडिया, पटना अखबार को छापने वाले हडताल पर है। जी हां, पटना शहर के मध्य स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया के कार्यालय के सामने फुटपाथ पर बैनर लगा आज भी अपने को निकाले जाने के विराध में धरने पर बैठे हैं। प्रिंट्रिग प्रेस के ये निकाले गए कर्म…

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सुंदर पिचाई पर, कोई क्यों नहीं बनाता फिल्म...!!

तारकेश कुमार ओझा/ 80 के दशक में एक फिल्म आई थी, नाम था लव - मैरिज। किशोर उम्र में देखी गई इस फिल्म के अत्यंत साधारण होेने के बावजूद इसका मेरे जीवन में विशेष महत्व था।  इस फिल्म के एक सीन से मैं कई दिनों तक रोमांचित रहा था। क्योंकि फिल्म में चरित्र अभिनेता चंद्रशेखर दुबे एक सीन पर मेरे शहर खड़गपुर का…

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हाशिये पर हैं उर्दू अखबारों के पत्रकार

 “उर्दू पत्रकारिता के 200 वर्ष”

संजय कुमार/ “उर्दू पत्रकारिता के 200 वर्ष” विषय पर भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद्, नई दिल्ली के तत्वावधान में पटना में 19 और 20 दिसंबर 2015 को आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने उर्दू पत्रकारिता के इतिहास और देश में स्व…

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वरिष्ठ पत्रकार सैयद अब्दुर्राफे का निधन

पटना। वरिष्ठ उर्दू पत्रकार सैयद अब्दुर्राफे का पटना में निधन हो गया। 75 वर्षीय स्वर्गीय राफे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्होंने अपनी पत्रकारिता  के माध्यम से समाज का लंबे समय तक कल्याण किया। वह इमारत- ए - शरिया की ओर से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र  " नकीब "के संपादक थे। यहां के अलावा भी उन्ह…

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सम्पादक

डॉ. लीना