‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता में स्व का बोध’ विषय पर आयोजित हुआ विशेष व्याख्यान
कानपुर। भारतीय जन संचार संस्थान के पूर्व महानिदेशक प्रो.संजय द्विवेदी का कहना है कि नारद जी की लोक छवि जैसी बनी और बनाई गई है, वे उससे सर्वथा अलग हैं। उनकी लोक छवि झगड़ा लगाने या कलह पैदा करने वाले व्यक्ति की है, जबकि उनके प्रत्येक संवाद में लोकमंगल की भावना ही है। ईश्वर के दूत के रूप में उनकी आवाजाही और कार्य हमें बताते हैं कि वे निरर्थक संवाद और प्रवास नहीं करते। उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता, सतत प्रवास और उद्देश्य की…




















