जंगलराज का नैरेटिव गढ़ने में सवर्णपरस्ती को दिया प्रश्रय
वीरेंद्र यादव / बिहार का मीडिया राजपूत, भूमिहार और ब्राह्मण प्रभाव का रहा है। 1980-90 का वह दौर था, जब कांग्रेस अवसान की ओर थी और समाजवादी विचारधारा ताकतवर हो रही थी। गैरकांग्रेसवाद मजबूत हो रहा था। इसी दौर में पिछड़ी जाति के नेताओं की एक बड़…






राजेश शुक्ला
कैलाश दहिया
