विनीत कुमार/ स्त्री-पुरूष संबंधों को लेकर चलनेवाली स्टोरी में न्यूज चैनलों का मानसिक पिछड़ापन साफ दिखाई देता है. दिग्विजय सिंह और अमृता राय को लेकर आजतक ने जिस तरह से स्टोरी प्रसारित की और "अमृता राय का पति कौन" शीर्षक से पैकेज चलाए, बेहद शर्मनाक है. इन्हीं मौके पर आपको अंदाजा लग जाता है कि मीडिया इ…
Blog posts April 2014
न्यूज चैनलों का मानसिक पिछड़ापन
आर्यन टीवी ने दस पत्रकारों को नौकरी से निकाला
पटना। बिहार के आर्यन टीवी ने अपने दस पत्रकारों को नौकरी से निकाल दिया है. आर्यन टीवी ने इस संबंध में कोई वजह बताये बिना उन पत्रकारों के नाम नोटिस पर चस्पा कर दिया जिन्हें काम से हटा दिया गया है.
आर्यन टीवी पटना का एक क्षेत्रीय टीवी चैनल है. चैनल ने गत 28 अप्रैल को इस संबंध में सूचना नोटिस बोर्ड पर …
मजदूर यानि मजे से दूर ?
मई दिवस समाज के उस वर्ग के नाम है जिसके कंधों पर सही मायने में विश्व की उन्नति का दारोमदार होता है
निर्भय कर्ण / हंसी-हंसी में कहा जाता रहा है कि मजदूर वह है जो मजे से दूर होता है यानि कि मजदूर का मनोरंजन से दूर-दूर तक रिश्ता नहीं होता। देखा जाए तो यह कहावत भले ही हंसी-मजाक में कही गयी हो लेकिन इसक…
इंकलाब जिंदाबाद कौन कहे...
मनोज कुमार / मजदूर हाशिये पर हैं। अब उनकी कोई बात नहीं करता। मजदूर कभी वोट बैंक नहीं माना गया तो बदलते दौर में मजदूरों की जरूरत भी बदल गयी। मजदूर किसे कहते हैं और मेहनतकश, यह भी अब लोगों को जानने की जरूरत नहीं रह गयी है। इस बार जब मई दिवस मनाया जा रहा है तब हिन्दुस्तान तख्तो-ताज का फैसला करने के लिय…
देख तेरे टीवी की हालत क्या हो गई इंसान.....
प्रवीण श्रीराम / टीवी के अंदर बैठने वालों को टीवी के सामने बैठने का मौका कम ही मिल पाता है। खबरों में रहने की वजह से न्यूज चैनल कभी-कभी बोर करने लगते हैं। फिर नवांगतुक या अंडर ट्रैनिंग एंकर्स की अलोचना करते रहने से भी मन ऊब गया है। सच पूछिए तो खुद को भी कोई बहुत अच्छे एंकरों में नहीं गिनता और अपनी ए…
लोकमत श्रमिक संघटन पर प्रबंधन के कब्जे पर अदालत की रोक
शीघ्र फैसले की उम्मीद
नागपुर / हजारों करोड़ रुपए वाले महाराष्ट्र के नंबर वन समाचार पत्र समूह लोकमत पत्र समूह के प्रबंधन को माननीय औद्योगिक न्यायालय, नागपुर के एक फैसले से जोर का झटका लगा है. इस झटके से एक बार फिर लोकमत पत्र समूह के प्रबंधन का झूठ और फरेब सामने आ गया है. लोकमत पत्र समूह के प्रबंधन ने…
फिक्सिंग का शिकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ?
तनवीर जाफरी / भारतीय संविधान में हालांकि मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कहीं कोई मान्यता नहीं दी गई है। उसके बावजूद मीडिया ने स्वयं को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में प्रचारित कर रखा है। और यह 'भ्रांति समाज में धीरे-धीरे एक स्वीकार्य रूप भी धारण कर चुकी है। आज पूरा देश और दुनिया मीडिय…
आजाद भारत की पत्रकारिता का गिरता स्तर
कौन संभालेगा.........??
संतोष गंगेले / आजादी के बाद भारतीय पत्रकारिता ने जिस प्रकार की उड़ान भरी उसकी कल्पना नही की जा सकती थी, वैसे अंगे्रजी शासन के दौरान जिन्होने पत्रकारिता की शुरूआत की थी, देश के सबसे बड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वह भी लेकिन अंग्रेजो के बाद आजाद भारत में ऐसे पत्रकारों को संव…
अब तक पेड न्यूज के 854 मामलों की शिकायत
चुनाव आयोग ने 326 मामलों को पाया सही
नयी दिल्ली। चुनाव आयोग को इस बार लोकसभा चुनाव में अब तक पेड न्यूज के 854 मामलों के संबंध में शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों का अध्ययन करने के बाद आयोग ने पेड न्यूज के 326 मामलों को सही पाया है। इस मामलों में संबद्ध उम्मीदवारों को नोटिस भी भेजे गये हैं।
पांच मार…
खबर का स्पेस सिर्फ भीड़ और बिकने की क्षमता पर निर्भर करना चाहिए?
साथी, भगाना की लड़कियां अब भी आपकी राह देख रहीं हैं!
प्रमोद रंजन / कल दोपहर में हरियाणा भवन, दिल्ली पर भगणा बलात्कार पीडितों के आंदोलन का बहिष्कार करने वाले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों के दफ्तर से शाम को आंदोलनकारियों को फोन आया कि वे आंदोलन का 'बहिष्कार' नहीं कर रहे। खबर दिखाएंगे। संभवत: उनक…
इस्लामिक मैगज़ीन (हिन्दी) सदा-ए-इस्लाम का विमोचन
गाजीपुर ( उ0प्र0)। सिद्दीक़ लाइब्रेरी द्वारा प्रकाशित इस्लामिक मैगज़ीन (हिन्दी) सदा-ए-इस्लाम का ‘सीरतुन्नबी नम्बर’ का विमोचन मंगलवार को शाही मस्जिद फतहपुर सिकन्दर, रेलवे स्टेशन सिटी गाजीपुर में हजरत मौलाना मुख़्तार अहमद कासमी के हाथों हुआ। प्रोग्राम की शुरूआत हजरत मौलाना फजलुल बारी नोमानी ने तिलावते …
भारत भास्कर अवॉर्ड का आयोजन कल
रायपुर। भारत भास्कर अवॉर्ड का आयोजन 23 अप्रेल को वृन्दावन हॉल में शाम 6 बजे होगा। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 11 अलग अलग विधाओं के लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। दैनिक भारत भास्कर की वेब साइट www.bharatbhaskar.com भी इसी आयोजन का हिस्सा होगा। वेब साइट के समाचार सम्पादक आशीष मिश्रा हैं। भारत भास्कर के…
जिंदादिल अंदाज और बेबाकी के लिए बहुत याद आएंगें देवेंद्र कर
(रायपुर के दैनिक अखबार ‘आज की जनधारा’ के संपादक-प्रकाशक देवेंद्र कर का रविवार एक सड़क दुर्धटना में निधन हो गया, यह लेख उनकी स्मृति में)
संजय द्विवेदी / मैंने कभी सोचा भी नहीं था अपने बहुत प्यारे दोस्त, सहयोगी और एक जिंदादिल इंसान देवेंद्र कर के लिए मुझे यह श्रद्धांजलि लिखनी पड़ेगी। तीन दिन पहले की …
राजनेताओं का ' भौंकना ' बंद कराए मीडिया...!!
तारकेश कुमार ओझा / भूतपूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल्ल कलाम देश के पूर्वी हिस्से के दौरे पर थे। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के साथ ही उनका अाइआइटी खड़गपुर के छात्रों के साथ भी एक कार्यक्रम था। कलाम जैसी हस्ती का अाइअाइटी खड़गपुर सरीखे विश्व प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में आना एक तरह से मणि- कांचन संय…
पत्रकार देवेन्द्र कर का सडक दुर्घटना में निधन
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार की पत्नी एवं बहन की भी हादसे में मौत
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार एवं स्थानीय हिन्दी दैनिक “आज की जनधारा” के सम्पादक देवेन्द्र कर उनकी पत्नी समेत तीन लोगों की ओडिशा के संबलपुर में आज तड़के एक सडक दुर्घटना में मुत्यु हो गई।
श्री कर एवं उनके परिजनों के आसामयिक निधन पर…
प्रथम कोंच हिन्दी साहित्योत्सव 2 से 4 मई को
जुटेंगे देश भर के साहित्यकार, ग्रामीणाचंल क्षेत्रों से हिन्दी साहित्य के विमर्श को नयी दिशा देने की पहल
कोंच (जालौन)। जयपुर, पटना, लखनऊ ,कोलकता जैसे बड़े महानगरों के बाद अब साहित्य के विमर्श केन्द्रों की फेहरिस्त में बुन्देलखण्ड के कोंच कस्बे का नाम जुड़ने वाला है। 2 से 4 मई तक देश भर से साहित्य से…
पत्रकारिता : शैशव से भविष्य तक, कैसे कैसे हालात हो गये ..

अर्पण जैन "अविचल" / जब आज देश के हर कोने से पत्रकारिता ( यानी मीडिया ) को कोसा जा रहा है , तमाम तरह के आरोप लग रहे है , जिव्हा पर सत्य आने से पहले बीसियो बार रुक रहा है, कही कोई गाली दे रहा है तो कोई धमकी , तब एसे कालखंड मे उद्देशो को लेकर चिंतन स्वाभाविक है |स्वरूप का चिंतन , मौलिकता के ख़तरे भय…
निजी समाचार चैनलों की अधिकता के बावजूद उर्दू समाचार आज भी लोकप्रिय:तौकीर आलम
आकाशवाणी पटना के उर्दू बुलेटिन के रजत जयंती पर ‘‘मीडिया में उर्दू रेडियो बुलेटिन की भूमिका’’ पर चर्चा
पटना। आकाशवाणी पटना के प्रादेशिक समाचार एकांश से प्रसारित उर्दू बुलेटिन, इलाकाई खबरें ने आज अपना 25 वर्ष पूरा कर लिया है। आज ही के दिन 1989 को पटना से उर्दू बुलेटिन का प्रसारण अपराह्न तीन बजकर पन्द…
पत्रकारों को ठगने में लालू और नीतीश एक........
प्रवीण बागी / पत्रकार मित्रों ,
याद है आपको पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना ! नीतीश सरकार ने जिसे बड़े धूम धड़ाके से शुरू किया था। सरकार की अन्य घोषणाओं की तरह यह भी एक छलावा ही साबित हुआ। बिना प्रक्रिया पूरी किये सरकार ने आनन- फानन में पत्रकारों से 1796 रूपये भी जनसम्पर्क विभाग के खजाने में जमा करवा लिय…
‘‘इलाकाई खबरें’’ एक नये मुकाम पर
आकाशवाणी पटना के उर्दू बुलेटिन ‘‘इलाकाई खबरें’’ की रजत जयंती कल
संजय कुमार/ पटना। 16 अप्रैल, 1989 समय.......अपराह्न 3 बजकर 15 मिनट ...............बिहार में रेडियो सेट पर एक आवाज गूंजती है।........ये आकाशावाणी पटना है.....अब आप शानू रहमान से......इलाकाई खबरें.....सुनिये ................।
यह दिन, स…
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- कैमरे में दर्ज एक दौर की जीवंत गाथा
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- स्मृति कल्प का आयोजन 14 जून को
- अपने समय से संवाद का नाम है ‘संजय उवाच’
- पत्रकार या 'पत्थरकार'
- माना कि अंधेरा घना है, पर एक दीया जलाना कहाँ मना है!
- मिशन, बाजार और साख का संकट
- हिंदी पत्रकारिता निश्चित रूप से और आगे बढ़ेगी
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सुख मंगल सिंहJuly 4, 2026
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कैलाश दहियाJuly 3, 2026
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Kailash DahiyaJuly 3, 2026
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Omprakash KashyapJune 30, 2026
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foo barMarch 2, 2025
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रवि अहिरवारJanuary 6, 2025
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पंकज चौधरीDecember 17, 2024
सम्पादक
डॉ. लीना

